Wednesday, February 25, 2009

सौदा

करे सौदा इस जहाँ का हम तुम
आसमान तुम्हारा , ज़मीन हमारी
फूल तुम्हारे , खुशबू हमारी
सितारे तुम्हारे , झिलमिलाहट हमारी
चाँद तुम्हारा , चांदनी हमारी
सूरज तुम्हारा , रौशनी हमारी
सागर तुम्हारा , लहरें हमारी
पंछी तुम्हारे , उड़ान हमारी
बादल तुम्हारे , गर्जन हमारी
खुशियाँ तुम्हारी , दुःख दर्द हमारे
सब कुछ तुम्हारा , तुम हमारे

3 comments:

  1. बहुत बढिया सौदा ... वाह !!! जीत गईं आप...कमाल का लिखा है।

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  2. साधुवाद ऐसी मनभावन रचना के लिए

    ---
    चाँद, बादल और शाम

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  3. bahut hi sunder... "सब कुछ तुम्हारा , तुम हमारे ।"
    sachha pyaar jhalakta hai.
    :)

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